See 7 wonders of the world in India! Check out Delhi’s new ‘Waste to Wonder Park’

Waste To Wonder Park

NEW DELHI

  • औद्योगिक एवं अन्य अपशिष्टों का इस्तेमाल कर दिल्ली के एक थीम पार्क में दुनिया के सात अज़ूबों की प्रतिकृति बनाई गई है।
  • कुल लागत 5 करोड़
  • इन सातों अज़ूबों की प्रतिकृति बनाने में 150 टन कचरे का इस्तेमाल किया गया है जिसमें वेस्ट मैटेरियल जैसे- पुराने बेंच, स्क्रैप मेटल, टाइपराइटर, एंगल, नट बोल्ट, साइकिल, मेटल शीट, ऑटोमोबाइल पार्ट, पुराने बर्तन और बेकार पड़े लोहे का भी इस्तेमाल किया गया है।
  • यह पार्क सराय काले खां क्षेत्र में सात एकड़ में फैला है।
  • गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को ‘वेस्ट टू वंडर पार्क’ का उद्घाटन किया।
  • पार्क में ताजमहल (20 फुट), गीजा के महान पिरामिड (18 फुट), एफिल टॉवर (60 फुट), पीसा की झुकी हुई मीनार (25 फुट), रियो डी जेनेरियो का क्राइस्ट द रिडिमर (25 फुट), रोम का क्लोजियम (15 फुट), न्यूयॉर्क की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी (30 फुट)
  • इस पार्क में आने वाले व्यस्क लोगों को 50 रुपये और 3-12 साल के बच्चों को 25 रुपये मूल्य की टिकट खरीदनी होंगी। वहीं तीन साल से कम उम्र के बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों, नगर निगम के स्कूल के छात्रों के लिए प्रवेश नि:शुल्क है।
  • पार्क में बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए सोलर ट्री स्थापित किया गया है।

WASTE TO WONDER PARK

1) ताजमहल की 20 फुट ऊँची प्रतिकृति

             

ताजमहल का निर्माण 1632 में शुरू होकर 1653 तक चला।

आगरा में संगमरमर का बना यह मक़बरा मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने

अपनी प्रिय पत्नी मुमताज़ महल की याद में बनवाया था।

उस्ताद अहमद लाहोरी ने बनाया |

2)-पीसा की झुकी हुई मीनार

       

मीनार अपने अक्ष पर 5 डिग्री झुकी हुई है।

9 अगस्‍त, 1173 को इसे बनाना शुरू हुआ था। इस मीनार को पूरा करने में 200 साल लगे थे।

इसे ‘लीनिंग टावर ऑफ़ पीसा’ भी कहते हैं। 

3)- एफिल टावर

 फ़्रांस की राजधानी पेरिस मे है|

        

300 मिटर हैं इसकी उचाई

4)- क्राइस्ट द रिडीमर (प्रतिमा)

क्राइस्ट द रिडीमर (प्रतिमा), माउंट कोरकोवाडो, रियो डी जनेरियो,

 दक्षिण ब्राजील के शिखर पर ईसा मसीह की पुर्तगाली विशाल प्रतिमा

 स्थापित है।

       

यह 1931 में बनकर पूरा हुआ और यह प्रतिमा

98 फीट (30 मीटर) लंबी खड़ी है।

इंजीनियर हेटर दा सिल्वा कोस्टा

प्रतिमा का ढांचा फ्रांसीसी मूर्तिकार पॉल लैंडोव्स्की द्वारा तैयार किया गया।

5)- कोलोसियम

इटली देश के रोम नगर के मध्य निर्मित रोमन साम्राज्य का सबसे विशाल एलिप्टिकल एंफ़ीथियेटर है।

       

 

6)-Statue of Liberty

स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी न्यूयार्क हार्बर के पास एक छोटे से टापू पर बनी एक विशाल प्रतिमा है जो अपने एक हाथ में मशाल औद दूसरे में एक किताब लिए खड़ी है। इस प्रतिमा को सन 1886 में फ्रांस ने अमेरिका को अपनी मित्रता प्रतीक के रूप में भेट किया था।

        

प्रतिमा के बाएं हाथ में एक किताब है जिस पर अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस (4 जुलाई 1776) की तारीख रोमन में लिखी हुई है। यह कुछ इस तरह से है- JULY IV MDCCLXXVI.

 

7)- गीजा का पिरामिड

मिस्र के पिरामिड वहां के तत्कालीन फैरो (सम्राट) गणों के लिए बनाए गए स्मारक स्थल हैं, जिनमें राजाओं के शवों को दफनाकर सुरक्षित रखा गया है। इन शवों को ममी कहा जाता है। उनके शवों के साथ खाद्यान, पेय पदार्थ, वस्त्र, गहनें, बर्तन, वाद्य यंत्र, हथियार, जानवर एवं कभी-कभी तो सेवक सेविकाओं को भी दफना दिया जाता था।

गिज़ा का सबसे बड़ा पिरामिड 146 मीटर उँचा था। ऊपर का 10 मीटर अब गिर चुका है। उसका आधार क़रीब 54 या 55 हज़ार मीटर का है। अनुमान है कि 3200 ईसा पूर्व उसे बनाया गया था। यह इसके बावजूद है कि उस समय की मिस्रियों की टेक्नोलॉजी शून्य के समान थी।

         

कुछ लोग पिरामिडों में स्थित जादुई असर की बात भी करते हैं जो मानव स्वास्थ्य पर शुभ प्रभाव डालता है। और जानने की बात यह भी है कि गीजा के तीनों पैरामिडो कि उपर के केंद्र बिन्दू ऊपर के तारो से मिलते है। और मिस्त्र मेजहाँ पिरामिड बने है। वो ही धरती का मध्य केंद्र है।

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WASTE TO WONDER

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